कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की विशेषताएं

इस लेख के माध्यम से आप जानेगे कि कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की विशेषताएं क्या है ? आजकल के जमाने में अगर आप कंप्यूटर के बारे में नहीं जानते है तो आप बिलकुल पिछे हो जायेंगे |

आप सोचेंगे की ये क्या बात हुई तो हा यह बात बिलकुल सही है क्यूंकि आज के समय में आपको कंप्यूटर की जानकारी नहीं है तो आप सरकारी और प्राइवेट किसी भी जगह अयोग्य माने जायेंगे |

हर जगह आजकल कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए, अगर आप स्कूल में ऑफिस में, बैंक्स में एयरपोर्ट्स में या अन्य किसी छोटे या बड़े दूकान में काम करते हो तो वहां पर आपको कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए |

कंप्यूटर परिचय एवं विकास कंप्यूटर का सही इस्तेमाल हमें करना आना चाहिए इसके लिए आप इस लेख में आगे पढेंगे और विस्तार से जानेंगे |

कंप्यूटर का सामान्य परिचय अगर एक शब्द में कहा जाये तो ये हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चूका है | दुनिया टेक्नोलॉजी के छेत्र में लगातार आगे की ओर बढ़ रहा है और हमारे

लिए ये बहुत ही जरूरी है हम भी तकनीक के साथ-साथ आगे की ओर बढे और अपने आप को तकनीक के छेत्र में आगे बढ़ाएं |

कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की विशेषताएं
कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की विशेषताएं

Computer Kya Hai In Hindi

कंप्यूटर के बारे में कुछ लोगो का मानना है की इसे हिंदी में कंप्यूटर ही कहते हैलेकिन ऐसे बिलकुल नहीं है |

इसके हिंदी में अर्थ समझने से पहले हम यह जानेंगे कि कंप्यूटर किसे कहते है ? Computer का मतलब compute करना या गणना करनाहोता है |

Introduction of Computer और इसका हिंदी में शाब्दिक अर्थ होता है संगणक यानि एक साथ गणना करनेवाला |

अब आप क्या होता है ? इसके बारे में जान गए होंगे , अब हम इसके कंप्यूटर की परिभाषा क्या है? इसके बारे में जानेंगे |

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यन्त्र है जिसमे एक यूजर डाटा को इनपुट करता है और

वह डाटा एक मेमोरी में प्रोसेस होकर हमें आउटपुट प्रदान करता है | या कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक device है जिसकी मदद से डाटा या इनफार्मेशन

स्टोर या रिस्टोर और किसी दूसरी मशीन को कण्ट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है |

कंप्यूटर में किसी भी डाटा को लम्बे समय तक

स्टोर करके उसे फिर से प्राप्त किया जा सकता है |

Computer ka Hindi Naam kya Hai

कंप्यूटर का फुल फॉर्म हिंदी में इसके बारे में जानेंगे , हालाँकि इसके बारे में आपको अन्य वेबसाइट पर बहुत सारी

जानकारी मिलेंगे कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर की विशेषताएं लेकिन इस लेख में जो बताया गया है वह आम

तौर पर यूज़ किया जाता है जिसका उपयोग

आप किसी भी जगह बेझिझक कर सकते है | कंप्यूटर का वर्ड मीनिंग

COMPUTER ,

C -Commonly (आम तौर पर ) ,

O – Operated (संचालन करना ) ,

M – Machine (मशीन ) ,

P- Particularily (मुख्य रूप से ) ,

U- Used for (के लिए इस्तेमाल होता है ) ,

T- Technical (तकनीक का ) ,

E- Educational and (पढाई और ) ,

R- Research ( अनुसंधान के लिए ) |

मुझे उम्मीद है मेरे द्वारा बताया गया “कंप्यूटर का फुल फॉर्म हिंदी में”

पूर्ण विश्लेषण के साथ पसंद आया होगा |

कंप्यूटर का फुल फॉर्म हिन्दी मे बताइए तो अब जानते है की कंप्यूटर के प्रकार क्या है ?

यह भी जाने – SSD क्या है ? पूरी जानकारी हिंदी में

Neeva search engine क्या है ?

कंप्यूटर के प्रकार

कंप्यूटर को वैसे मुख्य रूप से दो भागो में हम बाँट सकते है |

1. काम के आधार पर और

2. आकार के आधार पर तो आइये हम सबसे पहले इसे काम के आधार पर जानते है :

  1. काम के आधार पर

हाइब्रिड कंप्यूटर – वैसे device जो एनालॉग सिस्टम के साथ बाइनरी संख्या को भी रीड करता है

उसे हाइब्रिड कंप्यूटर की श्रेणी में रखा जाता है |कंप्यूटर क्या है, इसकी विशेषताएं इसमें जानकारी ऑपरेटिंग और discrete way में होती है क्यूंकि इसमें दोनों प्रकार के (डिजिटल तथा एनालॉग ) Computer Kya Hai In Hindi

ऑपरेशन आसानी से हो जाते है |

डिजिटल कंप्यूटर – अब हम जानते है कि डिजिटल कंप्यूटर क्या है ? डिजिटल कंप्यूटर वैसे कंप्यूटर को कहते है जिसमे

जानकारी को show करने के लिए बाइनरी डिजिट का उपयोग किया जाता है | इसमें आप जानकारी को ग्राफ़िक्स ,टेक्स्ट तथा इमेजेज के रूप में देख सकते है क्यूंकि इसमें discrete फॉर्म में ऑपरेशन होता है |

एनालॉग कंप्यूटर – वैसे कंप्यूटर जिसमे एनालॉग signal का इस्तेमाल होता है उसे एनालॉग कंप्यूटर कहते है इसका उपयोग

ब्लड प्रेशर , बिजली का प्रवाह , ह्रदय की धड़कन , temperature इत्यादि को मापने के लिए किया जाता है |

इस तरह से कंप्यूटर के प्रकार को काम

के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है |

Computer Kya Hota Hai

2. आकार के आधार पर

सुपर कंप्यूटर – इसे आकार में बड़ा और काफी तेजी से कार्यप्रणाली होने के कारण इसका नाम सुपर कंप्यूटर पड़ा |

इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण कार्यों जैसे नाभिकीय उर्जा अनुसंधान , मौसम की भविष्यवाणी , भूकंप की अनुसंधान , ग्राफ़िक्स डिजाईन,

फ्लूइड डायनामिक्स तथा एनीमेशन मेकिंग इत्यादि में किया जाता है | यह कंप्यूटर महंगा होता है |

मेनफ़्रेम कंप्यूटर – यह भी काफी बड़ा कंप्यूटर होता है जिसमे एक

साथ हजारों यूजर के डाटा को हैंडलिंग

करने की capacity होती है | अगर बात करे इसके स्पीड capacity की तो मेनफ़्रेम

कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर से ज्यादा पावरफुल

होता है क्यंकि मेनफ़्रेम में एक साथ हजारो यूजर के डाटा को आसानी से हैंडल किया जाता है |

लेकिन सुपर कंप्यूटर में एक बार

में एक डाटा हैंडलिंग होने के कारन यह काफी तेजी से वर्क करता है |

3. मिनी कंप्यूटर – साइज़ और पॉवर की बात की जाये तो इस कंप्यूटर की साइज़ सुपर

और मेनफ़्रेम कंप्यूटर से छोटी होती है |

वेट या भार में भी यह हल्का होता है आमतौर पर देखा जाये तो

इसमें एक साथ लगभग 200 यूजर काम कर सकते है |

कंप्यूटर के प्रकार क्या है ?

4. पर्सनल कंप्यूटर या माइक्रो कंप्यूटर – इस तरह के कंप्यूटर को आप सभी ने देखा होगा

और शायद इस्तेमाल भी किया होगा |

यह कंप्यूटर आमतौर पर सभी जगह आपको देखने को मिल जायेंगे | इसे पर्सनल कंप्यूटर के

नाम से भी जाना जाता है | कंप्यूटर क्या है, इसकी विशेषताएं

इसमें दो प्रकार के कंप्यूटर आते है जिसे हम आम भाषा में डेस्कटॉप तथा लैपटॉप कहते है |

लैपटॉप- इसे आप आसानी से एक जगह से दुसरे जगह तक ले जा सकते है क्यूंकि यह भार में काफी हल्का होता है | इसमें आपको पहले से ही कीबोर्ड और माउस असाइन करके दिया जाता है | Computer Kya Hota Hai

डेस्कटॉप -इसे आप आसानी से एक जगह से दुसरे जगह नहीं ले जा सकते है |

यह वजन में भारी होता है तथा इसमें बहुत सारे पार्ट्स लगे होते है जिससे इसे कहीं रखने में ज्यादा जगह की जरूरत पड़ती है |इसमें की बोर्ड

और माउस अलग से लगाना पड़ता है | Computer Kya Hai In Hindi

कंप्यूटर के कितने भाग है ?

कंप्यूटर के विभिन्न तरह के भाग होते है इन सबके बिना कंप्यूटर एक अधुरा मशीन है | जिस प्रकार हमारे शरीर

के बहुत सरे भाग होते है जिसकी मदद से हम कई तरह के कामों को करते है | ठीक उसी प्रकार

कंप्यूटर के विभिन्न भागों के अपने अपने कार्य होते है | तो आइये जानते है कि कंप्यूटर के कितने भाग होते है ?

Motherboard- यह कंप्यूटर का सबसे प्रमुख भाग होता है जिसमे कंप्यूटर के बहुत सारे पार्ट्स और ram , प्रोसेसर इत्यादि को कनेक्ट किया जाता है |

यह एक प्रकार के सर्किट में assemble किया जाता है जिसमे बहुत सारे आउटपुट्स बनाये जाते है ताकि अन्य

device को कनेक्ट किया जा सके | यह आकार में आयताकार होता है जिसमे बहुत सारे सर्किट्स आपस में एक दुसरे से कनेक्ट होते है |

कंप्यूटर की संरचना

इसे कंप्यूटर की रीढ़ की हड्डी भी कहा जाता है क्यूंकि सारे फंक्शन motherboard से ही संचालित होते है |

C.P.U. – CPU का मतलब होता है C -Central , P -Processing , U – Unit इसे हम कंप्यूटर का ब्रेन

अथवा दिमाग भी बोलते है क्यूंकि इसमें जो भी हम डाटा इनपुट करते है यह उसे स्टोर और रीड करता है |

यह भी कंप्यूटर का सबसे प्रमुख पार्ट होता है | इसे अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे – माइक्रो प्रोसेसर ,

सेंट्रल प्रोसेसर , इलेक्ट्रॉनिक ब्रेन प्रोसेसर इत्यादि | CPU एक कैबिनेट में motherboard में अवस्थित होता है |

संसार का पहला प्रोसेसर Intel कंपनी ने सन 1970 में बनाया था | CPU किसी भी हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेर के

इंस्ट्रक्शन को कण्ट्रोल करता है | CPU के मुख्यतः दो पार्ट होते है : 1 . ALU ( Arithmatic Logic Unit ) इसका मुख्य काम arithmatic और लॉजिक दोनों तरह के डाटा को calculate और decision लेना होता है | 2. control unit – इसे हम शोर्ट फॉर्म में CU भी कटे है | इसका मुख्या काम लॉजिकल डाटा ऑपरेशन जैसे < ,>, =, and , or को प्रोसेस करता है | यह दोनों प[आर्ट्स हमारे कंप्यूटर में इनपुट , प्रोसेस, आउटपुट को control करता है |

इनपुट और आउटपुट device

Input device – अपने कंप्यूटर के अन्दर जब हम किसी डाटा को इनपुट करते है और जिस device की मदद से

इनपुट करते है उसे इनपुट device बोलते है | जब भी हम किसी डाटा को इनपुट करते है तो यह इनपुट device

की मदद से होता है और यह डाटा सीधे CPU की तरफ प्रोसेस होने के लिए चला जाता है |

जब हम इनपुट device से किसी कमांड को पदेते है तो यह कंप्यूटर में बाइनरी कोड्स में बनकर जाता है जिसकी

सहायता से CPU को आसानी से समझ आ जाता है कि कौन सा डाटा इंटर किया गया है | कुछ इनपुट device

के नाम मै बताने जा रहा हूँ जैसे – कीबोर्ड, माउस, स्कैनर , डिजिटल कैमरा , लाइट पेन इत्यादि |

Output device – जब हम इनपुट device से डाटा को इंटर करते है और प्रोसेस हो जाने के बाद जो आउटपुट

हमें मिलता है उसे आउटपुट device कहते है | इसके अंतर्गत मॉनिटर, साउंड बॉक्स , स्पीकर , प्रिंटर, प्रोजेक्टर इत्यादि आते है | आउटपुट device ऑडियो , विडियो , इमेजेज , आकार इन सभी को हमें दिखता है |

हार्ड disk drive क्या है ?

Hard disk drive – इसे हम शोर्ट फॉर्म में HDD भी कहते है | इसमें हम बहुत सारे फाइल्स जैसे ऑडियो, विडियो ,

डाक्यूमेंट्स , इमेजेज को स्टोर करते है | इसे हम परमानेंट स्टोरेज device भी कहते है जिसमे बहुत लम्बे समय तक

डाटा को संचित करके रखा जाता है | यह कंप्यूटर के CPU में लगा होता है |

SMPS – इसे हम Switch Mode Power Supply भी कहते है | यह मुख्यतः कंप्यूटर के

सभी पार्ट्स को इलेक्ट्रिक पॉवर सुप्ल्ली देने का काम करता है

और वोल्टेज को नियंत्रित रखता है जिससे कंप्यूटर को अच्छी पॉवर सप्लाई जा सके |

कंप्यूटर का इतिहास

दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर का नाम ABACUS है | यह गणित के कैलकुलेशन को ज्ञात करता है |कंप्यूटर का इतिहास इसका आविष्कार

लगभग 2000 साल पहले हुआ था जिसका निर्माण लकड़ी से हुआ था | Charles Babbage कंप्यूटर के आविष्कारक मने जाते है |

इसके बाद हमारी बदलती पीढ़ियों के अनुसार तकनीक में बदलाव आने लगा और अब हम इसे मुख्यतः पांच

भागो में बाँट सकते है जो कुछ इस प्रकार है :

प्रथम पीढ़ी (First Generation ) Vaccum Tubes- इसका निर्माण और संशोधन वर्ष 1940-1956 ई ०

तक माना गया है | vaccum tubes अकार में काफी बड़ा होता था और इसे ऑपरेट करने के लिए बहुत ही ज्यादा

बिजली की जरूरत पड़ती थी | कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर की विशेषताएं यह पुरे एक बड़े रूम को कैप्चर कर लेता था |

इसमें बहुत ज्यादा हीट उत्पन्न होती थी जिससे मल्फ़ुन्क्तिओन या हैंग होने की समस्या अधिक आती थी | इसमें इनपुट

device के लिए paper tape और punched card का इस्तेमाल होता था जबकि आउटपुट के लिए प्रिन्तौट्स का

इस्तेमाल होता था | प्रथम पीढ़ी में मेमोरी के लिए मैग्नेटिक और circuitry drum का उपयोग होता था | इसके कुछ

उदहारण है – UNIVAC , ENIAC ये मशीन लैंग्वेज का उपयोग करते थे |

कंप्यूटर की पीढियां

द्वितीय पीढ़ी (second generation ) – Transistor – इसका निर्माण और संशोधन वर्ष 1956-1963 ई ० तक माना

गया है | इस पीढ़ी में vaccum tubes की जगह ट्रांजिस्टर का यूज़ किया जाने लगा |इसका आविष्कार Bell Labs

ने सन 1947 में किया था | इसकी कीमत vaccum tubes की तुलना में कम थी क्यूंकि इसमें उपयोग में की जानेवाली

बिजली बहुत कम थी और यह vaccum तुबे की तुलना में तेजी से काम करता था | जिसके कारण यह काफी सस्ता

हो गया | में असेंबली लेवल लैंग्वेज का उपयोग किया जाने लगा | इसमें COBOL

(common business ओरिएंटेड लैंग्वेज ) और FORTran (फार्मूला ट्रांसलेशन ) जैसे हाई लेवल लैंग्वेज का यूज़ किया जाने लगा |

तीसरी पीढ़ी (Third Generation ) – Integrated Circuit – इसका निर्माण और संशोधन वर्ष 1964-1971 ई ०

तक माना गया है | इस पीढ़ी में Integrated Circuit का इस्तेमाल होने लगा जिसमे कंप्यूटर की स्पीड और

भी ज्यादा बढ़ गयी | इसमें पंच कार्ड और प्रिंटआउट की जगह कीबोर्ड , माउस का उपयोग होने लगा |

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस – Artificial Intelligence इसे हम शोर्ट में AI भी कहते है |

इस तरह की पद्धति में कंप्यूटर इंसान के मस्तिष्क की

अवधारणाओं पर कार्य किया जाता है |इसके आविष्कारक John Macarthi है | आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस में शोध की शुरुआत 1950

के दशक में हुई थी |यह पूर्ण रूप से आत्म -चेतन ,सिमित -समृधि , मस्तिष्क सिद्धांत ,

प्रतिक्रियात्मक जैसे सिधान्तों पर कार्य करता है | इस सिधांत के अन्दर

मशीन के सिखने , सोचने , समझाने और समस्याओं को हल करने की capacity को निरुपित करता है |

कंप्यूटर की generation क्या है ?

चौथी पीढ़ी (Fourth Generation ) – Microprocessor – इसका आविष्कार सन 1971

इसवी में हुआ था जिसका उपयोग अभी भी होता आ रहा है | इसके अन्दर हजारों IC होते है जो एक सिलिकॉन चिप

के अन्दर लगे होते है |आज यह सिस्टम इतना छोटा और हल्का हो गया है की इसे आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है |

1971 में INtel 4004 चिप का उपयोग हुआ जिसके अन्दर सारे कंपोनेंट्स को फिक्स किया

गया और अब यह काफी तेजी से चलने वाला कंप्यूटर हो गया | IBM (International Business Machine)

ने सन 1981 में पहला घर पर उपयोग होनेवाला सिस्टम तैयार किया |

इस तरह आप ये जान गए है कि कंप्यूटर का इतिहास क्या है ?

संक्षेप में ,

मुझे उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपने कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर की विशेषताएं इसके बारे में

जानकारी मिली होगी |

अगर इससे सम्बंधित और भी जानकारी चाहिए तो कृपया हमें अपना सुझाव कमेंट के माध्यम से देना न भूले |

इससे हमारे लिखने और आपके प्रश्नों और सुझाव के आदान प्रदान से आपको

अच्छी जानकारी देने की पूरी कोशिश करूँगा |

इस तरह आपको समझ आ गया होगा कि आज के जमाने में कंप्यूटर की क्या उपयोगिता है ? और इस लेख के

माध्यम से अपने जान लिया है कि कंप्यूटर के कितने भाग होते है ? , कंप्यूटर का इतिहास

इन सभी के बारे में समझ लिया है | उम्मीद करता हूँ यह जानकारी

आप अपने दोस्तों को शेयर करेंगे ताकि उन्हें भी आसान भाषा में समझ आ जाये |

लेख पढने के लिए धन्यवाद !

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